बुधवार, 29 मई 2019

अनंत  की  ओर

चल पड़े  हम   चल पड़े हम  
चिर  सजग   अमरत्व  लेकर,

मुस्कुरा यूँ,  विदा देते 
बन  झरोखे,  मील पत्थर ,

मार्ग कंटक   स्वागत समर्पित
सजग हो  जीवन दे अर्पित,

सर्वथा  इक   नव सृजन 
ध्येय    विचलन सतत अर्पित  , 

एकाग्र मन  ईश्वरीय श्रद्धा  ,
सर्व:  सम :  केवल   समीकरण

वायु वेग   संवाद  संबल
ध्येय बस  नित  लक्ष्य  भेदन ,

बस लक्ष्य बस शत लक्ष्य भेदन........

सज्ज संबल  विमल दर्शन.
चल पड़े बस चल पड़े हम


शुभकामनाओ सहित  चंद्रा जी को सादर समर्पित 
                                                    विमल "चातक "
                                                    26-जून-2019 



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