दिल ही दिल अक्सर
अक्सर तुमने मुझको यूँ ही
गुनगुनाते देखा होगा
देर रात अँखियाँ बादल
के पार टिमटिमाते देखा होगा
चलते चलते रुक के तुमने
पीछे मुद के सुखी आखों का
सैलाब पुराना देखा होगा
बस इंतज़ार में
swan 14/8/10
अक्सर तुमने मुझको यूँ ही
गुनगुनाते देखा होगा
देर रात अँखियाँ बादल
के पार टिमटिमाते देखा होगा
चलते चलते रुक के तुमने
पीछे मुद के सुखी आखों का
सैलाब पुराना देखा होगा
बस इंतज़ार में
swan 14/8/10
Awesome... :)
जवाब देंहटाएंVery nice!
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