दीपांजलि
उच्च शिखर जीवन दर्शन सा,
संकल्प एक प्रत्थान करूँ तो ,
श्रद्धा सुमन तुझ को अर्पित कर ,
दीपांजलि चिर प्रति दान करूँ मैं .
युग बीत गया भाव दीप गया ,
संशय मात्र एक शेष रहा अब,
तुम से ये जीवन मूल्य ग्रहण कर ,
दर्शन का चिर प्रसार करूँ मैं ।
ऐसी मेरी कामना ..............
SWAN SEPT 17
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