VIMAL MUKTAK
सोमवार, 15 फ़रवरी 2010
प्रकृति
आना जाना लगा रहेगा ,
रात दिवस नित शून्य तथा ,
नित नव्या पुरा के ये संगम ,
जीवन दर्शन प्रशस्त करेगा।
आना जाना लगा रहेगा ,
प्रात सुबह के ये खग व्रंदन ,
श्याम सावला लालीम आकाश ,
संगीत सदा ऊच्च नाद बहेगा ।
आना जाना लगा रहेगा ॥
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