आखिर उसने पूँछ लिया ही,
इतना प्यार मुझे क्यूँ है ,
मेरे दिल की धड़कन को ,
इंतना बेहाल सुना क्यों है,
दिन की चौखट दस्तक देती ,
रातें भी करवटें बदलती ,
भीड़ों के सन्नाटे मैं भी,
धड़कन संगीत मधुर क्यों है ,
प्यार तुम्हे इतना हैं फिर भी ,
मुस्कान अधर क्यूँ है ,
आखिर उसने पूँछ लिया ही,
इतना प्यार मुझे क्यूँ है ।
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